अब फाइल नहीं सिस्टम बोलेगा, ई-ऑफिस से चलेगा यूपी प्रशासन– यूपी में सख्ती का ऐलान, ई-ऑफिस नहीं तो वेतन नहीं– हादसा हुआ तो पैसा नहीं, सीधे इलाज—गोल्डन आवर में कैशलेस सुविधा।
मेराज उद्दीन सिद्दीकी| मुल्कनामा डेली|
उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एस.पी. गोयल की अध्यक्षता में हुई प्रशासनिक समीक्षा बैठक में कई बड़े और सख्त फैसले लिए गए। प्रदेश के सभी जनपदों और तहसीलों में ई-ऑफिस को अनिवार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। लापरवाही करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों का वेतन रोका जा सकता है।
सड़क दुर्घटना पीड़ितों को गोल्डन आवर में कैशलेस इलाज देने की व्यवस्था लागू की जाएगी, जो आयुष्मान भारत योजना के तहत सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में उपलब्ध होगी।
प्रदेश के सभी जनपद, तहसील और विकास खंड मुख्यालयों पर स्थायी हेलीपैड निर्माण के प्रस्ताव एक सप्ताह में देने के निर्देश दिए गए हैं।
किसानों के लिए फार्मर रजिस्ट्री को अनिवार्य बताते हुए जिलाधिकारियों को प्रतिदिन समीक्षा करने के आदेश दिए गए हैं। पीएम किसान योजना के सभी लाभार्थियों की फार्मर आईडी 31 मार्च तक बनाना जरूरी होगा।
बचे हुए परिवारों को आयुष्मान कार्ड से जोड़ने के लिए 90 दिन का विशेष अभियान चलेगा। वहीं, पुलिस भर्ती परीक्षाओं को लेकर परीक्षा केंद्रों की जानकारी एक सप्ताह में भर्ती बोर्ड को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके साथ ही यूपी दिवस को सभी जनपदों में भव्य रूप से मनाने के निर्देश भी जारी किए गए।




