फर्जी मस्टर रोल बनाकर करोड़ों के कथित गबन का आरोप:
आगरा | ब्यूरो
आगरा जिले के प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) विभाग में गैरहाजिर जवानों के नाम पर फर्जी मस्टर रोल तैयार कर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। इस मामले की जांच आगरा के उप निदेशक स्तर से कराई गई थी, जिसकी रिपोर्ट निदेशालय को भेजे जाने के बावजूद अब तक अंतिम कार्रवाई नहीं हो सकी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जून 2023 से आगरा जिले के विभिन्न थानों में पीआरडी जवानों की उपस्थिति को लेकर मस्टर रोल तैयार किए गए, जिनमें अनियमितताओं की शिकायतें मिली थीं। आरोप है कि कुछ मामलों में मस्टर रोल पर संबंधित थानों की मुहरों के दुरुपयोग की भी बात सामने आई है।
नमूना जांच में अनियमितताओं के संकेत
शिकायतों के बाद आगरा के उप निदेशक बी.सी. श्रीवास्तव ने नमूने के तौर पर जांच कराई। जांच के दौरान क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारियों की भूमिका को लेकर सवाल उठे, जिसके आधार पर विस्तृत जांच की संस्तुति की गई।
जांच रिपोर्ट में क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी एस.पी. सिंह बघेल और माधुरी यादव के साथ-साथ जिला युवा कल्याण अधिकारी विजेंद्र सिंह के विरुद्ध भी कार्रवाई की सिफारिश किए जाने की जानकारी सामने आई है।
निदेशालय में लंबित है कार्रवाई
सूत्रों के अनुसार, जांच रिपोर्ट लंबे समय से निदेशालय स्तर पर विचाराधीन है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि कार्यवाही से संबंधित पत्रावली निदेशक कार्यालय में है और सक्षम स्तर से आदेश मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस देरी के कारण विभागीय स्तर पर असंतोष की स्थिति बनी हुई है।
वसूली के आरोपों को लेकर दावे, पुष्टि नहीं
इस बीच, कुछ आरोपित अधिकारियों द्वारा कार्रवाई न होने का दावा किया जा रहा है। कार्रवाई रोकने के नाम पर अवैध वसूली के आरोप भी सामने आए हैं, हालांकि इन दावों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई स्पष्ट बयान जारी नहीं किया गया है।
पीआरडी जवानों की शिकायतें
पीआरडी जवानों का कहना है कि मामले के बाद से उन पर दबाव बढ़ा है। जवानों ने अवैध वसूली और मानसिक उत्पीड़न की शिकायतें भी की हैं। हालांकि, इन शिकायतों की भी जांच की प्रक्रिया जारी बताई जा रही है।
उप निदेशक का बयान
आगरा के उप निदेशक बी.सी. श्रीवास्तव ने बताया कि फर्जी मस्टर रोल से संबंधित जांच रिपोर्ट निदेशालय को भेज दी गई है। उन्होंने कहा कि मुख्यालय स्तर से यह जानकारी दी गई है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
स्थिति जांचाधीन
फिलहाल पूरा मामला जांच और प्रशासनिक निर्णय की प्रक्रिया में है। सभी आरोप जांच के दायरे में हैं और अंतिम निर्णय सक्षम प्राधिकारी द्वारा लिया जाना है।
नोट: यह समाचार तथ्यों, उपलब्ध दस्तावेजों और आधिकारिक बयानों पर आधारित है। सभी पक्षों का पक्ष प्रकाशित किए जाने के लिए खुला रखा गया है।




