डीएनए रिपोर्ट के आधार पर सपा नेता मोईद खान बरी, दो साल पुराने अयोध्या केस में पलटा फैसला; नौकर राजू दोषी:
28 जनवरी 2026। अयोध्या। एजेंसी।
उत्तर प्रदेश की राजनीति और कानून व्यवस्था को झकझोर देने वाले बहुचर्चित गैंगरेप मामले में अदालत का बड़ा फैसला सामने आया है। अयोध्या के सपा नेता मोईद खान को दो साल पुराने नाबालिग गैंगरेप मामले में अदालत ने दोषमुक्त (बरी) कर दिया है।
इस केस में मोईद खान के साथ उनके नौकर राजू को भी आरोपी बनाया गया था। अदालत ने राजू को दोषी करार दिया है, जबकि मोईद खान के खिलाफ आरोप साबित नहीं हो सके।
⚖️ क्या था पूरा मामला?
करीब दो साल पहले अयोध्या में एक नाबालिग लड़की ने आरोप लगाया था कि उसके साथ गैंगरेप किया गया।
मामले में सपा नेता मोईद खान और उनके नौकर राजू के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई।
मामला सामने आते ही:
मोईद खान की गिरफ्तारी हुई
गैंगस्टर एक्ट लगाया गया
एक के बाद एक कई मुकदमे दर्ज हुए
प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई करते हुए उनकी संपत्तियों को ध्वस्त कर दिया
मीडिया में मामला लगातार सुर्खियों में रहा और मोईद खान को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए।
🧬 डीएनए रिपोर्ट बनी अहम आधार
जांच के दौरान मोईद खान का डीएनए टेस्ट कराया गया था।
अदालत में पेश रिपोर्ट में मोईद खान का डीएनए पीड़िता से मेल नहीं खाया, जिसे कोर्ट ने निर्णायक साक्ष्य माना।
⚖️ कोर्ट का फैसला
अदालत ने अपने फैसले में कहा:
मोईद खान के खिलाफ गैंगरेप के आरोप साबित नहीं हुए
डीएनए रिपोर्ट और साक्ष्य आरोपों का समर्थन नहीं करते
इसलिए मोईद खान को सम्मानपूर्वक बरी किया जाता है
वहीं, नौकर राजू को दोषी पाया गया है।
राजू को सजा सुनाने पर कल फैसला आएगा।
🔍 बड़ा सवाल
इस फैसले के बाद कई सवाल खड़े हो रहे हैं:
क्या जांच में जल्दबाजी हुई?
क्या बुलडोजर कार्रवाई से पहले निष्पक्ष जांच हुई?
क्या आरोपी साबित होने से पहले सजा दे दी गई?
मामला अब कानून, प्रशासन और मीडिया की भूमिका पर नई बहस को जन्म दे रहा है।




