मैंडेलसन की नियुक्ति पर पीएम स्टारमर ने मांगी सार्वजनिक माफी
लंदन | 06 फरवरी |वेब वार्ता |
ब्रिटेन की राजनीति में जेफ्री एपस्टीन कनेक्शन को लेकर भूचाल थमता नजर नहीं आ रहा है। अमेरिका में ब्रिटेन के राजदूत के रूप में पीटर मैंडेलसन की नियुक्ति पर अब खुद प्रधानमंत्री कीर स्टारमर को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी पड़ी है।
पीएम स्टारमर ने स्वीकार किया कि एपस्टीन जैसे कुख्यात यौन अपराधी से जुड़े आरोपों के बावजूद मैंडेलसन पर भरोसा करना और उन्हें राजदूत नियुक्त करना एक गंभीर भूल थी। उन्होंने कहा कि इस पूरे प्रकरण से एपस्टीन के पीड़ितों को दोबारा पीड़ा झेलनी पड़ी, जिसके लिए वह व्यक्तिगत रूप से क्षमाप्रार्थी हैं।
🗣️ पीएम स्टारमर का बयान
प्रधानमंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा—
“एपस्टीन के पीड़ितों को न्याय में देरी और जवाबदेही की कमी का सामना करना पड़ा। मैं उनसे, सत्ता में बैठे लोगों की विफलता के लिए, मैंडेलसन की बातों पर विश्वास करने और उन्हें नियुक्त करने के लिए माफी मांगता हूं।”
📌 क्या है पूरा मामला?
- फरवरी 2025 में पीटर मैंडेलसन को अमेरिका में ब्रिटेन का राजदूत नियुक्त किया गया था
- एपस्टीन से कथित करीबी रिश्तों के खुलासे के बाद सितंबर में उन्हें पद से हटा दिया गया
- रविवार को मैंडेलसन ने लेबर पार्टी से भी इस्तीफा दे दिया
- इससे पहले वह हाउस ऑफ लॉर्ड्स से भी त्यागपत्र दे चुके थे
📂 दस्तावेज़ों ने बढ़ाया विवाद
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक हाल में सामने आए लाखों दस्तावेज़ों और निजी तस्वीरों में मैंडेलसन और जेफ्री एपस्टीन के बीच घनिष्ठ पत्राचार का जिक्र है।
खुलासा हुआ है कि 2003–04 के दौरान एपस्टीन ने मैंडेलसन को 75,000 डॉलर दिए थे।
अमेरिकी उप अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लांश ने 30 जनवरी को एपस्टीन केस से जुड़े दस्तावेज़ सार्वजनिक करने की प्रक्रिया पूरी होने की पुष्टि की थी। अब तक 35 लाख से अधिक फाइलें सामने आ चुकी हैं।
📰 ‘द सन’ का दावा
सितंबर 2025 में द सन की रिपोर्ट में दावा किया गया था कि 2008 में, जब एपस्टीन पर नाबालिग लड़की से जुड़े मामले चल रहे थे, तब मैंडेलसन ने उन्हें समर्थन भरा पत्र लिखा था और “शीघ्र रिहाई के लिए संघर्ष” करने की सलाह दी थी।
🔥 सियासी असर
- विपक्षी दलों ने प्रधानमंत्री स्टारमर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की मांग तेज कर दी है।
- सार्वजनिक पद पर कथित दुराचार को लेकर पुलिस जांच शुरू होने की भी खबर है।




