खेती का खेल बदलेगी जलीय खेती पर बनी शॉर्ट मूवी
10 फरवरी|मेराज उद्दीन सिद्दीकी |
लखनऊ। जल संचय और जलीय खेती पर केंद्रित एक प्रेरणादायक शॉर्ट मूवी का निर्माण किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य किसानों को आधुनिक और वैकल्पिक कृषि तकनीकों से जोड़ना है। इस शॉर्ट मूवी में खास तौर पर पर्ल्स (मोती) फार्मिंग और खेत-तालाब जैसी जल आधारित खेती को प्रमुखता से दिखाया गया है।
इस प्रोजेक्ट में उत्तर प्रदेश, झारखंड और ओडिशा के ग्रामीण क्षेत्रों को शामिल किया गया है। फिल्म के माध्यम से किसानों को कम लागत में अधिक उत्पादन और आय बढ़ाने से जुड़े व्यावहारिक तरीकों की जानकारी देने का प्रयास किया गया है।
- जलीय खेती से किसानों की आय बढ़ाने पर फोकस
- मोती पालन जैसे नए विकल्पों को दिखाया गया
- असली किसानों की असली कहानियां
शॉर्ट मूवी में डॉ. अय्यूब हुसैन, सीईओ, एग्रोहब उत्तर प्रदेश, एक वैज्ञानिक की भूमिका निभा रहे हैं। वे फिल्म में जलीय खेती, आधुनिक कृषि तकनीक और पानी के बेहतर उपयोग से जुड़े पहलुओं को सरल भाषा में समझाते नजर आएंगे। फिल्म में उनके किरदार को जानकारी परक और मार्गदर्शक के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
- फिल्म की शूटिंग में पेशेवर कलाकारों के साथ-साथ वास्तविक किसानों की भागीदारी भी रखी गई है, जिससे कहानी अधिक वास्तविक और प्रभावी बन सके। निर्माताओं के अनुसार, इसका उद्देश्य किसानों को नई कृषि संभावनाओं से परिचित कराना और जलीय खेती के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
इस शॉर्ट मूवी के निर्माण में कृषि विभाग, कानपुर और बीएसए कानपुर का सहयोग रहा है। निर्देशन आनंद कुमार त्रिपाठी द्वारा किया जा रहा है। शूटिंग पूरी होने के बाद फिल्म को किसानों और कृषि से जुड़े हितधारकों तक पहुंचाने की योजना है।




