गैस सिलेंडर के दाम पर ‘चूल्हा क्रांति’, रीता देवी बनीं सदर विधानसभा उपाध्यक्ष
अजय सिंह| लखनऊ/गाज़ीपुर |
महंगाई अब सिर्फ आंकड़ों में नहीं, बल्कि रसोई के तवे पर जलती हुई हकीकत बन चुकी है। गैस सिलेंडर के बढ़ते दामों ने ऐसा ‘तड़का’ लगाया कि समाजवादी महिला सभा की बैठक में महिलाओं का गुस्सा उबाल मार गया।
लोहिया भवन में आयोजित इस बैठक में ऐसा लगा मानो “रसोई संसद” चल रही हो—जहां हर भाषण में सिलेंडर की कीमतें विपक्ष बनकर खड़ी थीं। जिलाध्यक्ष विभा पाल और प्रदेश सचिव पुनीता सिंह ‘खुशबू’ के नेतृत्व में महिलाओं ने महंगाई के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए साफ संकेत दे दिया—2027 में ‘रसोई का हिसाब’ वोट से लिया जाएगा।
इस बीच संगठन ने भी “ताजपोशी” का सिलसिला जारी रखते हुए रीता देवी को सदर विधानसभा उपाध्यक्ष बना दिया। मानो यह संदेश दिया गया हो कि अब राजनीति में सिर्फ भाषण नहीं, बल्कि रसोई का अनुभव भी जरूरी है।
वक्ताओं ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा—
“सरकार महंगाई पर नहीं, मुद्दों पर गैस भर रही है!”
बैठक में यह भी तय हुआ कि बूथ स्तर तक महिलाओं की “फौज” तैयार की जाएगी, ताकि 2027 में “चूल्हा-चौका” ही चुनावी मुद्दा बने।




