रायबरेली। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), रायबरेली ने चिकित्सा क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है।
मनीष कुमार मौर्य| रायबरेली| 10 फरवरी|
संस्थान के नाक, कान, गला (ENT) विभाग ने एंडोस्कोपी और कोब्लेशन टेक्नोलॉजी की मदद से एक जटिल नेज़ोफेरिंजियल ट्यूमर को बिना किसी बाहरी चीरे या निशान के पूरी तरह सफलतापूर्वक हटा दिया।
यह सर्जरी 20 वर्षीय छात्र पर की गई, जो लंबे समय से नाक बंद रहने और बार-बार नाक से खून आने की समस्या से जूझ रहा था। जांच में मरीज को नेज़ोफेरिंजियल एंजियोफाइब्रोमा नामक दुर्लभ लेकिन आक्रामक ट्यूमर होने की पुष्टि हुई।
ENT विभाग की प्रमुख डॉ. अनन्या सोनी ने बताया कि यह ट्यूमर आमतौर पर किशोर लड़कों में पाया जाता है और अत्यधिक रक्तस्राव का कारण बनता है। यह स्कल-बेस की महत्वपूर्ण संरचनाओं को प्रभावित करता है, जिससे सर्जरी बेहद चुनौतीपूर्ण हो जाती है। कोब्लेशन टेक्नोलॉजी से ट्यूमर को अत्यधिक सटीकता और न्यूनतम रक्तस्राव के साथ हटाना संभव हुआ।
🩺 तीन घंटे में 4 सेमी का स्कल-बेस ट्यूमर पूरी तरह हटाया
विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अरिजीत जोतदार ने बताया कि लगभग तीन घंटे चली इस सर्जरी में 4 सेमी आकार के ट्यूमर को दूरबीन विधि से पूरी तरह निकाला गया और रक्तस्राव भी बेहद कम रहा। सभी महत्वपूर्ण नसों और रक्त वाहिकाओं को सुरक्षित रखा गया।
👨⚕️ सर्जिकल और एनेस्थीसिया टीम
सर्जरी का नेतृत्व डॉ. अनन्या सोनी और डॉ. अरिजीत जोतदार ने किया।
टीम में डॉ. ध्रुव कपूर, डॉ. आस्था, डॉ. निखिल, डॉ. प्रभात शामिल रहे।
एनेस्थीसिया टीम का नेतृत्व डॉ. कालीचरण दास ने किया, साथ में डॉ. पल्लव, डॉ. अनुषा और डॉ. शिवप्रसाद रहे।
नर्सिंग ऑफिसर अमिता, सारिका और संजू ने अहम भूमिका निभाई।
🏥 आयुष्मान भारत के तहत मुफ्त इलाज
इस अत्याधुनिक सर्जरी का पूरा खर्च प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) – आयुष्मान भारत के अंतर्गत वहन किया गया। एम्स रायबरेली ने एक बार फिर साबित किया कि संस्थान उन्नत तकनीक और गुणवत्तापूर्ण इलाज में अग्रणी है।




