परमाणु नीति पर ईरान ने अमेरिका को साफ संदेश दे दिया है।
विदेश मंत्री अब्बास अराघची बोले –
👉 यूरेनियम संवर्धन हमारा संप्रभु अधिकार है
👉 किसी बाहरी ताकत से डरने वाले नहीं
👉 दबाव की राजनीति नहीं चलेगी
तेहरान, 09 फरवरी (वेब वार्ता)।
ईरान ने यूरेनियम संवर्धन जारी रखने का किया ऐलान
अमेरिका से बढ़ते टकराव और युद्ध की अटकलों के बीच ईरान ने परमाणु नीति पर खुली बगावत का ऐलान कर दिया है। तेहरान ने साफ शब्दों में कहा है कि वह अमेरिकी धमकियों, सैन्य दबाव और नए प्रतिबंधों के बावजूद अपना यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम किसी भी कीमत पर बंद नहीं करेगा।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया के सामने दो टूक लहजे में कहा,
“हम पर हुक्म चलाने वाले कौन होते हैं? ईरान दबाव से चलने वाला देश नहीं है। चाहे युद्ध ही क्यों न थोप दिया जाए, हम अपने संप्रभु अधिकार से पीछे नहीं हटेंगे।”
अराघची ने पश्चिम एशिया में अमेरिकी सेना की बढ़ती तैनाती को डराने की नाकाम कोशिश बताया। उन्होंने कहा कि ईरान अमेरिकी सैन्य गतिविधियों से डरने वाला नहीं है और दबाव की राजनीति से तेहरान को झुकाया नहीं जा सकता।
अमेरिका के साथ बातचीत पर उन्होंने तीखा तंज कसते हुए कहा कि वाशिंगटन एक तरफ वार्ता की बात करता है, तो दूसरी तरफ प्रतिबंध और सैन्य तैयारियां जारी रखता है, जिससे उसकी मंशा पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने साफ किया कि अप्रत्यक्ष बातचीत संभव है, लेकिन अमेरिका की अवास्तविक और एकतरफा शर्तें ही सबसे बड़ी बाधा हैं।
ईरान के इस आक्रामक रुख से यह साफ हो गया है कि डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाले अमेरिकी प्रशासन के लिए तेहरान के साथ किसी भी तरह का परमाणु समझौता अब बेहद मुश्किल होने वाला है। मौजूदा हालात में दोनों देशों के बीच तनाव कम होने के बजाय और ज्यादा भड़कता नजर आ रहा है।




