माया के ताबुत में कील ठोक गए चंद्रशेखर आजाद:
दलितों की राजधानी से भीम आर्मी चीफ की हुंकार, भाजपा सरकार पर जमकर हमला !
25 जनवरी 2026
राजवीर सिंह कुश | आगरा |
दलितों की राजधानी कही जाने वाले आगरा से आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद उर्फ रावण ने सियासी हुंकार भरते हुए भाजपा सरकार पर जोरदार हमला बोला। “संवैधानिक अधिकार बचाओ, भाईचारा बनाओ” रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अब दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यक समाज किसी भी कीमत पर अपने संवैधानिक अधिकारों से समझौता नहीं करेगा। उनके इस आक्रामक तेवर को राजनीतिक गलियारों में “माया के ताबुत में कील” के रूप में देखा जा रहा है।
रैली में भारी संख्या में जुटी भीड़ को संबोधित करते हुए चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि 15 मार्च 1956 को बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने इसी धरती से युवाओं को आगे आने का आह्वान किया था। आज उसी मिशन को पूरा करने के लिए आज़ाद समाज पार्टी और भीम आर्मी के कार्यकर्ता मैदान में उतर चुके हैं। उन्होंने साफ कहा कि यदि किसी भी दलित, पिछड़े या अल्पसंख्यक व्यक्ति पर अत्याचार हुआ तो भीम आर्मी दीवार बनकर खड़ी होगी।
भीम आर्मी चीफ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि देश के युवाओं से रोजगार और हर खाते में 15 लाख रुपये देने का वादा किया गया था, लेकिन हकीकत में युवाओं को अग्निवीर जैसी अस्थायी योजनाओं में उलझा दिया गया। उन्होंने कहा कि यह युवाओं के भविष्य के साथ धोखा है।
चंद्रशेखर आजाद ने उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि “बुलडोजर की सरकार” में महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़े हैं। उन्होंने दावा किया कि यदि आसपा की सरकार बनी तो अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी और पुलिस को पूरी छूट दी जाएगी, ताकि प्रदेश में भयमुक्त वातावरण बन सके।
उन्होंने रोजगार के मुद्दे पर कहा कि आउटसोर्स और संविदा प्रणाली को खत्म कर युवाओं को स्थायी नौकरी दी जाएगी, जिससे दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यक समाज की आर्थिक स्थिति मजबूत हो सके। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार धर्म और जाति के नाम पर लोगों को आपस में लड़ाकर देश को बांटने का काम कर रही है।
भीम आर्मी प्रमुख ने धार्मिक स्थलों को लेकर हो रहे विवादों पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि मस्जिद, गुरुद्वारा और चर्च में पूजा-अर्चना में यदि किसी ने बाधा डाली तो भीम आर्मी के कार्यकर्ता दीवार बनकर सामने खड़े होंगे। ऐसे विवाद देश के लिए घातक हैं और सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाते हैं।
अल्पसंख्यक समाज से 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर अपील करते हुए चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि यदि वे एकजुट होकर आज़ाद समाज पार्टी के साथ आते हैं तो 300 सीटें जीतकर भाजपा सरकार को सत्ता से बाहर किया जा सकता है। उन्होंने 2022 के चुनाव का हवाला देते हुए कहा कि उस समय मुस्लिम समाज ने एकजुट होकर सपा को वोट दिया था, लेकिन परिणाम अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा।
उन्होंने यह भी ऐलान किया कि आसपा की सरकार बनते ही पिछड़े वर्गों को नौकरी में प्रोन्नति के साथ आरक्षण, तथा 15 प्रतिशत अतिरिक्त आरक्षण दिया जाएगा, ताकि बाबा साहब के सपनों को साकार किया जा सके। रैली में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि दलित समाज पर उनका कर्ज है, जिसे वे सत्ता में आने के बाद ब्याज सहित चुकाएंगे।
रैली के दौरान आगरा और आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता पहुंचे। जोश, नारों और राजनीतिक संदेशों से भरी इस रैली ने साफ संकेत दे दिया कि उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 से पहले सियासी तापमान और बढ़ने वाला है।




