हमारे प्यारे दोस्त नफ़ीस,
आज तुम्हारे दुनिया से रुख़्सत हो जाने का ग़म ऐसा है, जैसे मैंने अपना एक हाथ और एक मज़बूत सहारा खो दिया हो। तुम हर हाल में मेरे साथ खड़े रहे—मुश्किल वक़्त में कंधा दिया और ज़रूरत पड़ने पर बिना कहे मदद का हाथ बढ़ाया।
हम भले ही 35 सालों से जिस्मानी तौर पर दूर रहे, लेकिन दिलों की दोस्ती हर साल और गहरी होती चली गई।
मेरे लिए ही नहीं, मेरे वालिदैन के लिए भी तुम बेटे जैसे थे। उनके साथ तुम्हारा जो प्यार, ख़िदमत और एहतराम रहा, उसके लिए मैं हमेशा क़र्ज़दार रहूँगा। पिछले 46 वर्षों की मेरी ज़िंदगी की इस यात्रा में तुम मेरे हमसफ़र रहे और अपनी मोहब्बत, हौसले, रहम और इंसानियत से इस ज़िंदगी को बेहद ख़ूबसूरत बना दिया।
तुम्हारी दोस्ती मेरे लिए एक अमानत है, जिसे मैं ता-उम्र संभाल कर रखूँगा। तुम्हारी कमी हमेशा महसूस होती रहेगी।
मैं अल्लाह तआला से दुआ करता हूँ कि वह तुम्हारी मग़फ़िरत फ़रमाए, तुम्हारे दर्ज़ात बुलंद करे और तुम्हें जन्नत-उल-फ़िरदौस में आला मुक़ाम अता फ़रमाए।
अल्लाह तुम्हारे अहले-ख़ानदान को सब्र-ए-जमील अता करे।
इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन।
तुम्हारे दोस्त
सिराज सिद्दीकी, शाहब,हारून,रिजवान,नीलू और उनके दोस्त और खानदान।
🕌ततफीन :बाद नमाज ज़ुहर।
*𝟭𝟮 𝗝𝗔𝗡𝗨𝗔𝗥𝗬 𝟮𝟬𝟮𝟲*
🌙 *𝟮𝟮 𝗥𝗔𝗝𝗕-𝗨𝗟-𝗠𝗨𝗥𝗔𝗝𝗝𝗕*
*𝗛𝗜𝗝𝗥𝗜 𝟭 𝟰 𝟰 𝟳*
*𝗗𝗮𝘆* *𝗠𝗼𝗻𝗱𝗮𝘆*
🥗🥗🥗🥗🥗🥗🥗🥗🥗🥗🥗




