✍️ विशेष प्रस्तुति | कविता|
नेता प्रतिपक्ष हो गंभीर…!
केंद्रीय मंत्री को ‘नेता प्रतिपक्ष’ ने कहा गद्दार,
संसद भवन परिसर में सही नहीं हैं व्यवहार।
अपने दल में रहें तो सब कुछ है यहाँ अच्छा,
वह तो शहीदों के परिवार से आता है बच्चा।
यूं नेता प्रतिपक्ष को होना चाहिए बहुत गंभीर,
नफरत के ही बोल करते रहते हैं उन्हें अधीर।
शब्दों की मर्यादा लांघते करे सभी को घायल,
वो उच्च पद पे बैठे हैं कैसे होगा बाबा रॉयल।
यारों ‘शब्द’ ही बनाते हैं सबके दिलों में जगह,
एक-दूसरे का करें सम्मान यहीं होती है वजह।
भले भिन्न राजनीतिक विचारधारा या मतभेद,
वे हो आपके शब्दों के कायल न आवे आवेश।
(संदर्भ – राहुल द्वारा रवनीत बिट्टू को गद्दार कहे जाने का विवाद)
साभार; संजय एम. तराणेकर

“नेता प्रतिपक्ष की भाषा पर बवाल!”
(कवि, लेखक व समीक्षक)
इन्दौर, मध्य प्रदेश।
प्रस्तुति: Mulknama Daily




