CPI(M), एनी राजा और हिरेन गोहेन की याचिका; कोर्ट ने हाईकोर्ट जाने को कहा, प्राथमिकता से सुनवाई का निर्देश
नई दिल्ली | 16 फरवरी (वेब वार्ता) |
Supreme Court of India ने असम के मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया। यह याचिका Communist Party of India (Marxist), Annie Raja और असमिया विद्वान Hiren Gohain द्वारा दायर की गई थी।
मुख्य न्यायाधीश Surya Kant की अध्यक्षता वाली पीठ, जिसमें जस्टिस जॉयमाल्या बागची और विपुल पंचोली शामिल थे, ने कहा कि इस मामले की सुनवाई पहले अधिकार क्षेत्र वाले हाईकोर्ट को करनी चाहिए।
पीठ ने कहा, “इन सभी मुद्दों पर संबंधित हाईकोर्ट प्रभावी ढंग से फैसला दे सकता है। हमें यहां इस पर सुनवाई करने का कोई कारण नहीं दिखता। हम हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस से अनुरोध करते हैं कि अर्जेंसी को देखते हुए मामले की सुनवाई को प्राथमिकता दी जाए।”
याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता Abhishek Manu Singhvi ने दलील दी कि मुख्यमंत्री ने असम के साथ-साथ झारखंड और छत्तीसगढ़ में भी बयान दिए हैं, इसलिए सुप्रीम कोर्ट को इस पर सीधे सुनवाई करनी चाहिए।
याचिका में ‘मियां मुस्लिम’ टिप्पणी और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो का हवाला देते हुए एफआईआर दर्ज करने तथा एसआईटी जांच की मांग की गई थी।
हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वह ‘शॉर्टकट’ अपनाने के पक्ष में नहीं है और पहले हाईकोर्ट को अवसर दिया जाना चाहिए।




