- वाराणसी में व्यापारियों का फैसला बना विवाद: बुर्का, हिजाब और हेलमेट पहनने वाली महिलाओं (ग्राहकों) को आभूषण न बेचने का ऐलान:
वाराणसी (उत्तर प्रदेश): एजेंसी
शहर में चोरी, लूट और ठगी की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए आभूषण व्यापारियों ने एक ऐसा फैसला लिया है, जिसने सामाजिक और संवैधानिक बहस को जन्म दे दिया है। व्यापारियों के एक वर्ग ने घोषणा की है कि अब बुर्का, हिजाब, घूंघट या हेलमेट पहनकर आने वाले ग्राहकों को आभूषण नहीं बेचे जाएंगे।
व्यापारियों का तर्क है कि हाल के दिनों में पहचान छुपाकर की गई घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है, जिससे दुकानदारों की सुरक्षा और व्यवसाय दोनों प्रभावित हो रहे हैं। उनका कहना है कि यह निर्णय सुरक्षा कारणों से लिया गया है।
हालांकि, महिलाओ ने इस फैसले को महिला विरोधी मानसिकता और भेदभावपूर्ण रवैया करार दिया है। उनका कहना है कि इस तरह के निर्णय महिलाओं को संदिग्ध मानने की सोच को बढ़ावा देते हैं और यह संविधान द्वारा प्रदत्त समानता के अधिकार का उल्लंघन है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अपराध रोकने के लिए तकनीकी समाधान, CCTV, पुलिस समन्वय और पहचान सत्यापन जैसे विकल्प मौजूद हैं, लेकिन कपड़ों के आधार पर किसी वर्ग को निशाना बनाना सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचा सकता है।
फिलहाल प्रशासन की ओर से इस फैसले पर कोई आधिकारिक निर्देश जारी नहीं हुआ है, लेकिन मामला तूल पकड़ता जा रहा है और आने वाले दिनों में इस पर राजनीतिक और कानूनी प्रतिक्रिया देखने को मिल सकती है।




