लोकसभा में महिला आरक्षण संशोधन बिल अटका: सत्ता-विपक्ष टकराव में 131वां संविधान संशोधन नहीं हो पाया पारित
🟢Mulknama National Bureau|🔴 नई दिल्ली |
- महिला आरक्षण को लेकर लोकसभा में पेश किया गया 131वां संविधान संशोधन विधेयक बहुमत के अभाव में पारित नहीं हो सका।
बिल के पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट पड़े, लेकिन संवैधानिक संशोधन के लिए जरूरी दो-तिहाई बहुमत (लगभग 352 वोट) नहीं मिल पाया।
सदन में उपस्थित 528 सांसदों में से 298 ने समर्थन किया, जो आवश्यक संख्या से कम था। इस नतीजे के साथ महिला आरक्षण के लागू होने की समयसीमा को लेकर एक बार फिर राजनीतिक अनिश्चितता गहरा गई है।
√सरकार का पक्ष
सरकार का तर्क था कि महिला आरक्षण को स्थायी और व्यवस्थित तरीके से लागू करने के लिए पहले परिसीमन (Delimitation) जरूरी है।
परिसीमन के बाद सीटों की संख्या बढ़ेगी, जिससे आरक्षण लागू करने में संतुलन रहेगा।
सरकार का कहना था कि जल्दबाजी में मौजूदा सीटों पर आरक्षण लागू करने से राजनीतिक और सामाजिक असंतुलन पैदा हो सकता है।
साथ ही, यह भी दलील दी गई कि पहले से पारित कानून के तहत प्रक्रिया तय है, उसे व्यवस्थित तरीके से ही लागू किया जाना चाहिए।
✓विपक्ष की आपत्ति
विपक्ष ने इस विधेयक का कड़ा विरोध करते हुए इसे “टालने की रणनीति” बताया।
विपक्ष की मांग थी कि मौजूदा 543 लोकसभा सीटों पर ही तुरंत 33% महिला आरक्षण लागू किया जाए।
उनका आरोप था कि परिसीमन और जनगणना को शर्त बनाकर सरकार महिला आरक्षण को अनिश्चित समय तक टाल रही है।
कई विपक्षी नेताओं ने कहा कि महिलाओं को प्रतिनिधित्व देने के लिए और इंतजार करवाना न्यायसंगत नहीं है।
↑पृष्ठभूमि
सितंबर 2023 में संसद ने “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” (106वां संविधान संशोधन) पारित किया था, जिसमें लोकसभा और विधानसभा में 33% महिला आरक्षण का प्रावधान किया गया है।
हालांकि, इसे लागू करने को परिसीमन और जनगणना से जोड़ा गया था।
131वां संशोधन इसी प्रक्रिया में बदलाव लाकर इसे जल्द लागू करने की कोशिश माना जा रहा था, लेकिन यह प्रयास सफल नहीं हुआ।
आगे की राह–बहुत कठिन है डगर पनघट की…
इस विधेयक के गिरने के बाद अब यह साफ है कि महिला आरक्षण के मुद्दे पर राजनीतिक सहमति बनना अभी बाकी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इसी तरह ढुलमुल हाल रहा, तो 2034 से पहले महिला आरक्षण का जमीन पर लागू होना मुश्किल हो सकता है।
#WomenReservation #LokSabha #BreakingNews #IndianPolitics #ReservationBill #NariShakti #Parliament #mulknamadaily




