संस्थान के नाम और मोहर का दुरुपयोग, पुलिस जांच में कई अहम खुलासों की उम्मीद
लखनऊ | Mulknama Daily |
King George’s Medical University (केजीएमयू) में एक कथित फर्जी डॉक्टर को पकड़कर पुलिस के हवाले किए जाने का मामला सामने आया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि आरोपी पर संस्थान के नाम, मोहर और हस्ताक्षर का दुरुपयोग कर फर्जी दस्तावेज तैयार करने और छात्रों, विशेषकर छात्राओं से संपर्क स्थापित करने के आरोप हैं।
प्रवक्ता डॉ. के. के. सिंह के अनुसार, संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद कुलपति के निर्देश पर जांच टीम गठित की गई थी। जांच के दौरान सामने आया कि कुछ लोगों द्वारा छात्रों को कथित कार्यक्रमों के नाम पर जोड़ने और बाहर ले जाने की योजना बनाई जा रही थी।
कार्रवाई के दौरान आरोपी को सर्जरी विभाग के पास पकड़ा गया और बाद में पुलिस को सौंप दिया गया। ब्राउन हॉल में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोपी को मीडिया के सामने प्रस्तुत किया गया।
प्रेस वार्ता में प्रस्तुत दस्तावेजों में “भारतीय गौरव प्रतिभा सम्मान 2026” प्रमाणपत्र, होली अवकाश नोटिस और एमबीबीएस 2023 बैच चयन से जुड़े नोटिस शामिल थे, जिन्हें प्रथम दृष्टया फर्जी बताया गया है।
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने खुद को इंटरमीडिएट पास बताया और समाज सेवा के नाम पर संस्था चलाने की बात कही। हालांकि, खुद को डॉक्टर बताने और अन्य संभावित संलिप्तता की पुष्टि जांच के बाद ही होगी।
प्रशासन ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि किसी भी सूचना पर भरोसा करने से पहले उसकी आधिकारिक पुष्टि अवश्य करें।
फिलहाल, पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।
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